हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): हरियाणा बिजली नियामक आयोग द्वारा एक निजी कंपनी 'इलेवन पावर' को गुरुग्राम और नूंह जिलों के लिए 25 साल का समानांतर बिजली वितरण (पैरेलल पावर डिस्ट्रीब्यूशन) लाइसेंस देने और बाद में उस पर रोक लगाने का विवाद अब नई दिल्ली स्थित बिजली एपेटेल ट्रिब्यूनल (APT दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) और ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) ने अपीलीय न्यायाधिकरण में अलग-अलग कैविएट याचिकाएं दायर की हैं।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
वहीं, हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री और आईएनएलडी (INLD) के राष्ट्रीय संरक्षक संपत सिंह ने भी 19 अक्टूबर के लाइसेंस देने के मूल आदेश को चुनौती दी है।। सरकारी डिस्कॉम (DHBVNL) ने क्यों दाखिल की कैविएट DHBVNL के कार्यकारी अभियंता सुरेश कुमार द्वारा लॉ फर्म 'लेक्स कॉमर्सि' के माध्यम से दायर इस याचिका में मांग की गई है कि यदि इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड कोई अपील या याचिका दायर करती है, तो DHBVNL का पक्ष सुने बिना ट्रिब्यूनल द्वारा कोई एकतरफा आदेश पारित न किया जाए।। संपत सिंह ने चैलेंज किया मूल आदेश पूर्व वित्त मंत्री संपत सिंह ने कहा कि सरकार का हस्तक्षेप एक 'अस्थायी समाधान' है।। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या धारा 108 के तहत दिए गए सरकारी निर्देश मंत्रिपरिषद के औपचारिक फैसले पर आधारित थे या नहीं।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | एपेटेल ट्रिब्यूनल पहुंचा 'इलेवन पावर' का लाइसेंस विवाद |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | गुरुग्राम, नूंह, दिल्ली |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | 25 साल, 28 अक्टूबर, 19 अक्टूबर |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
संपत सिंह के अनुसार कैबिनेट की अप्रूवल के बिना इस तरह के फैसले लागू नहीं होते।। This website follows the DNPA Code of Ethics.।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था व जनसुविधा पूरी तरह चाक-चौबंद बनी रहे।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





