हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Jind News : हरियाणा के जींद में राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
यहां एक ऐसी जमीन का इंतकाल दर्ज कर दिया, जिस पर पहले ही स्टे था।। साथ ही इस मामले की सुनवाई एसडीएम और कमिश्नर कोर्ट में चल रही थी।। ऐसे में नायब तहसीलदार, कानूनगो और हलका पटवारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।। इस जमीन का विवाद एसडीएम और कमिश्नर की कोर्ट में विचाराधीन था।।
| न्यायिक बिंदु | अदालत व मामले का विवरण |
|---|---|
| संबंधित न्यायालय / पीठ | जींद ज़िला एवं सत्र न्यायालय |
| मुकदमा / याचिका संदर्भ | हरियाणा में स्टे के बावजूद इंतकाल करना पड़ा भारी, नायब त |
| प्रमुख आंकड़े / राशि / तथ्य | 9 जुलाई |
| अदालत का ताज़ा आदेश | संबंधित विभाग व प्रशासन द्वारा निगरानी जारी |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
साथ ही इस पर इंतकाल दर्ज नहीं करने के स्थगन आदेश भी हैं।। इसके बावजूद पिल्लूखेड़ा तहसील में जमीन का इंतकाल दर्ज किया गया।। इस पर पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने नायब तहसीलदार, कानूनगो व हलका पटवारी के खिलाफ केस दर्ज किया है।। मंत्री के समक्ष उठा मामला दरअसल यह मामला जिला परिवेदना समिति की बैठक में 25 सितम्बर को खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम के समक्ष उठाया गया था।। इसकी सुनवाई के बाद मंत्री गौरव गौतम ने इस मामले से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दोनों पक्षों की दलीलों और कानूनी प्रावधानों को गंभीरता से परखा गया। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस अदालती निर्देश का सीधा प्रभाव केस की आगामी सुनवाई और आगे की कानूनी कार्यवाही पर पड़ेगा। संबंधित पक्षों की निगाहें अब अदालत के आगामी आदेशों पर टिकी हैं।
इसके आधार पर जब आर्थिक अपराध शाखा ने जांच की तो कई गड़बड़ियां सामने आई।। इसी जांच के आधार पर अब पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।। हालांकि पुलिस इस मामले की जांच करेगी और इसके बाद अधिकारिक रूप से आरोपों की पुष्टी हो पाएगी।। भाईयों के बंटवारे का विवाद इस मामले में पिल्लूखेड़ा तहसील के अधीन आने वाले गांव रजाना खुर्द निवासी लाभ सिंह से शिकायत दी थी।। इसमें कहा गया कि 3 भाइयों बादल सिंह, कर्ण सिंह और दलबीर के हिस्से में कुल 33 एकड़ जमीन है।। इस जमीन के बंटवारे के लिए विवाद हुआ था।। इसमें कर्ण सिंह के बेटे लाभ सिंह ने मामला अदालत तक पहुंचाया।। लाभ सिंह का कहना है कि इंतकाल दर्ज करने का मामला सफीदों एसडीएम और हिसार कमिश्नर अदालत में में लंबित होने के बावजूद इसका इंतकाल दर्ज किया गाया।। इतना ही नहीं कमिश्नर अदालत ने इस जमीन का इंतकाल दर्ज नहीं करने का स्थगन आदेश भी दिया गया है।। इसके बाजवूद पिल्लूखेड़ा तहसील में 9 जुलाई 2025 को 3 एकड़ जमीन का इंतकाल बादल सिंह के नाम दर्ज कर दिया गया।। यह जमीन जींद-सफीदों मार्ग के साथ लगती है।। इसमें लाभसिंह का आरोप है कि इस जमीन का अलग इंतकाल कर इसको ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में भी दर्ज कर दिया गया।। लाभ सिंह का कहना है कि इस जमीन की खेवट संख्या 285 थी।। वहीं इसको बदल कर 319 और 320 कर दिया गया।। खेक्ट संख्या 319 बादल सिंह और 320 उनके पिता कर्ण सिंह के नाम दर्ज हुई है।। इस बंटवारे को लेकर अदालत में याचिका लगाई गई थी।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





