हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): CHANDIGARH INTEREST WAIVERS: चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने बड़ा फैसला लेते हुए स्मॉल फ्लैट्स और अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स यानी एआरएचसी लाइसें सधारकों के करीब 20 करोड़ रुपये ब्याज माफी की की राहत दी है।। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
विकास कार्य / जनसुविधा का पूरा ब्योरा और रूट
इस पहल से क्षेत्र के नागरिकों को दैनिक आवागमन, प्रशासनिक कार्यों और मूलभूत सुविधाओं में बड़ा लाभ मिलेगा। बोर्ड का यह फैसला करीब 14 हजार आवंटियों के साथ उनके परिवारों को राहत देने वाला है।। हालांकि बोर्ड ने कई अन्य अहम फैसले भी लिए हैं।। इसके तहत जीपीए ट्रांसफर नीति में भी बदलाव करते हुए, इसको नई शर्तों के साथ दोबारा लागू करने का निर्णय लिया है।।
| परियोजना / जनसुविधा | डिपो / विभाग व लाभ |
|---|---|
| योजना / जनसुविधा | स्मॉल फ्लैट्स और एआरएचसी लाइसेंस धारकों के 20 करोड़ रुपये मा |
| संबंधित विभाग | राज्य प्रशासन व स्थानीय प्राधिकरण |
| नागरिक लाभ | सुगम आवागमन व बेहतर सुविधाएं |
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को मिलने वाला लाभ
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सार्थक प्रयास बताया है। दरअसल यह फैसला चंडीगढ़ में हुई बोर्ड की 435वीं बैठक में हुआ है।। यह सभी निर्णय चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड निदेशक मंडल की बैठक में लिए गए हैँ।। मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में बोर्ड ने कई अन्य फैसलों पर भी मुहर लगाई है।। इस बैठक में बोर्ड ने फैसला लिया है कि 2016 की जीपीए ट्रांसफर नीति को दोबारा लागू किया जाएगा।।
प्रशासन की समय-सीमा और जमीनी क्रियान्वयन
आगामी दिनों में इस व्यवस्था के क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
शहरवासियों की प्रतिक्रिया और आगामी कदम
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। हालांकि इसमें कुछ संशोधन किए गए हैं।। ऐसे में जो लोग पहले इस नीति का लाभ नहीं ले पाए थे, उनको अब एक और मौका दिया गया है।। हालांकि इस योजना से सिर्फ 11 अक्टूबर 2011 से पहले बनाए गए जीपीए को ही मिल पाएगा।। इसको लेकर बोर्ड ने फैसला लिया कि एक बार की छूट के तौर पर इसको 6 महीने के लिए लागू किया गया है।।





