हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Haryana news : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने इस बार पहले ही एहतियात बरतना शुरू कर दिया है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
यानि कि 50 प्रतिशत कर्मचारी ही दफ्तर आएंगे, बाकी घर से काम करेंगे।। साथ ही निर्माण कार्यों पर भी पाबंदी लगाई है।। आयोग के सदस्य सचिव तरुण कुमार पिथौड़े की ओर से जारी आदेश में यूपी, राजस्थान, हरियाणा व दिल्ली के मुख्य सचिवों को इस व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।। 1 नवंबर से ये नए आदेश लागू, दिल्ली में बीएस-VI वाहन ही ले जा सकेंगे -1 नवंबर से धूल उड़ाने वाले तोड़फोड़ और बाहरी निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक रहेगी।।
| यात्रा व रूट विवरण | रोडवेज सेवा अपडेट |
|---|---|
| रूट व बस सेवा | CAQM के आदेश |
| डिपो / संचालन प्राधिकरण | भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD चंडीगढ़) |
| संबंधित ज़िले / रूट | सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद |
| यात्रियों के लिए सुविधा | यात्रियों व नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा/अभियान शुरू |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
हाईवे, फ्लाईओवर, बिजली व दूरसंचार जैसी परियोजनाओं पर यह प्रतिबंध सख्ती से लागू होगा।। हालांकि, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, बस अड्डा, अस्पताल, जल आपूर्ति, स्वच्छता, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को पाबंदी से बाहर रखा गया है।। -1 नवंबर से दिल्ली में बाहरी राज्यों के बीएस-VI से कम मानक वाले पेट्रोल-डीजल वाहन नहीं चल पाएंगे।। सीएनजी इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ एंबुलेंस दमकल वाहनों को छूट मिलेगी।। दिल्ली में रजिस्टर्ड वाहनों पर यह रोक लागू नहीं होगी।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
परिवहन विभाग के इस कदम से रोजाना यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों, कामकाजी वर्ग और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से इस रूट पर सुगम यातायात सुविधा की मांग की जा रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने समय सारिणी और स्टॉपेज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की है।
एआई-आधारित ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।। वैध पीयूसी के बिना पेट्रोल, डीजल, सीएनजी नहीं देंगे।। नॉन एनसीआर में औद्योगिक इकाइयों को नियम से छूट औद्योगिक इकाइयों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े संस्थानों को इस नियम से छूट दी गई है, जहां यह व्यवस्था लागू करना संभव नहीं है।। बता दें कि साल 2018 से 2025 तक के आंकड़ों से स्पष्ट है कि सर्दी शुरू होते ही हवा की धीमी रफ्तार और गिरते तापमान के चलते वाहनों, उद्योगों और फसल अवशेषों का धुआं हवा में थम जाता है।। नवंबर के शुरुआत और मध्य में हवा की स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है।। एक्यूआई 400-500 तक पहुंच जाता है।। इसे देखते हुए ही दिल्ली-एनसीआर में ग्रुप-1 के प्रतिबंध 21 अक्टूबर से लागू कर दिए गए थे।। इसके तहत दिल्ली-एनसीआर की सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है।। कि वे उन उपायों को तुरंत लागू करें, जो प्रदूषण पर रोक लगाने में उपयोगी हैं।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





