हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): भिवानी के भारत नगर निवासी महिला के बैंक लॉकर में फर्जी हस्ताक्षर कर दूसरे व्यक्ति को मालिक बनाने और गहने व कीमती सामान निकालने का मामला सामने आया है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
इसके बाद म शिकायत के आधार पर भिवानी के औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने बैंक अधिकारियों सहित 4 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।। महिला का आरोप है कि उसकी गैरमौजूदगी में फर्जी हस्ताक्षर कर लॉकर का संशोधित एग्रीमेंट तैयार किया गया और लॉकर ऑपरेशन रजिस्टर में भी फोटो बदलकर पहचान संबंधी हेराफेरी की गई।। महिला के अनुसार, विवादित एग्रीमेंट के आधार पर फरवरी और मई 2023 में लॉकर ऑपरेट किया गया।। इस दौरान उसमें रखी ज्वेलरी और अन्य कीमती सामान निकाल लिया गया।।
| न्यायिक बिंदु | अदालत व मामले का विवरण |
|---|---|
| संबंधित न्यायालय / पीठ | हिसार पुलिस व विशेष जांच दल |
| मुकदमा / याचिका संदर्भ | बैंक लॉकर के फर्जी साइन कर को-होल्डर को बनाया मालिक |
| प्रमुख आंकड़े / राशि / तथ्य | 13 दिसंबर, 24 मई, 18 अगस्त, 1 जनवरी |
| अदालत का ताज़ा आदेश | संबंधित विभाग व प्रशासन द्वारा निगरानी जारी |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक की जांच में भी एग्रीमेंट के हस्ताक्षर और लॉकर रजिस्टर में लगे फोटो को लेकर गड़बड़ी सामने आई।। 2014 में जारी हुआ था लॉकर, पति की मौत के बाद बदला एग्रीमेंट पूजा गौड़ ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि विकास नगर स्थित एसबीआई शाखा में उनका लॉकर है, जो 13 दिसंबर 2014 को जारी किया गया था।। उनके पति चिराग गौड़ का 24 मई 2021 को कोविड-19 महामारी के दौरान निधन हो गया था।। शिकायत के अनुसार, आरबीआई ने 18 अगस्त 2021 को न्यायालय के केस की अनुपालना में जारी परिपत्र के तहत सभी बैंकों को पुराने लॉकर एग्रीमेंट की जगह संशोधित एग्रीमेंट लागू करने के निर्देश दिए थे।। इसके लिए 1 जनवरी 2023 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई थी।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दोनों पक्षों की दलीलों और कानूनी प्रावधानों को गंभीरता से परखा गया। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस अदालती निर्देश का सीधा प्रभाव केस की आगामी सुनवाई और आगे की कानूनी कार्यवाही पर पड़ेगा। संबंधित पक्षों की निगाहें अब अदालत के आगामी आदेशों पर टिकी हैं।
महिला बोलीं- 15 नवंबर 2022 के एग्रीमेंट पर मेरे फर्जी हस्ताक्षर पूजा गौड़ ने आरोप लगाया कि इसी प्रक्रिया के दौरान उनके लॉकर का 15 नवंबर 2022 का संशोधित एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिसमें उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए।। उनका कहना है कि उस दिन वह बैंक गई ही नहीं थीं और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे।। उस समय वह केंद्रीय विद्यालय हिसार कैंट में अपनी ड्यूटी पर थीं।। महिला के अनुसार, एग्रीमेंट पर किए गए हस्ताक्षर उनके वास्तविक हस्ताक्षरों से अलग हैं।। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन बैंक अधिकारी ने लॉकर के को-होल्डर के साथ मिलीभगत कर यह फर्जीवाड़ा किया।। लॉकर ऑपरेशन रजिस्टर में भी बाहरी अनधिकृत व्यक्ति का फोटो लगाकर पहचान संबंधी हेराफेरी की गई।। बैंक में रिकॉर्ड देखा तो को-होल्डर का फोटो लगा मिला पूजा ने बताया कि 18 अप्रैल 2025 को वह लॉकर का रिकॉर्ड और उसकी स्थिति जानने के लिए बैंक गई थीं।। वहां लॉकर ऑपरेशन रजिस्टर में उनके स्थान पर को-होल्डर का फोटो लगा हुआ था।। उनके अनुसार, यह फोटो भी करीब 30 साल पुराना था।। उन्होंने बैंक अधिकारियों पर मिलीभगत कर रिकॉर्ड में हेराफेरी करने का आरोप लगाया।। महिला के मुताबिक, जब उन्होंने शाखा प्रबंधक से इस बारे में पूछा तो उन्हें लॉकर का रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के बजाय केवाईसी अपडेट करवाने के लिए कहा गया।। तीन बार ऑपरेट किया लॉकर, ज्वेलरी निकालने का आरोप शिकायत में बताया गया कि विवादित संशोधित एग्रीमेंट के आधार पर 20-21 फरवरी 2023 और 31 मई 2023 को लॉकर ऑपरेट किया गया।। इस दौरान उसमें रखी ज्वेलरी और अन्य कीमती वस्तुएं निकाल ली गईं।। मामले की जांच जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (पीएनबी) ने की।। जांच में पाया गया कि संशोधित एग्रीमेंट पर महिला के नाम से दर्ज हस्ताक्षर बैंक रिकॉर्ड में उपलब्ध उनके हस्ताक्षरों से अलग हैं।। लॉकर ऑपरेशन रजिस्टर में प्राथमिक धारक के स्थान पर किसी बाहरी व्यक्ति का फोटो भी लगाया गया था।। इसके बाद महिला ने शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।। मंत्री के आदेश पर बैंक अधिकारियों सहित 4 पर केस This website follows the DNPA Code of Ethics.।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





