हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): पंचकूला के सरकारी स्कूल में KG की 6 वर्षीय बच्ची से मारपीट के मामले में आरोपी बच्चे के व्यवहार में बदलाव के पीछे मोबाइल गेम्स की लत और परवरिश में माता-पिता की अनदेखी को प्रमुख कारण माना जा रहा है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
सूत्रों के मुताबिक, इसमें बच्चे में दो तरह के डिसऑर्डर के लक्षण सामने आए।। इनमें अर्ली ऑनसेट कंडक्ट डिसऑर्डर और इंटरमिटेंट एक्सप्लोसिव डिसऑर्डर शामिल हैं।। बच्चा फिलहाल 31 अक्टूबर से अंबाला के ऑब्जर्वेशन होम में है।। साइकेट्रिक एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट के आधार पर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड आगे की कार्रवाई तय करेगा।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | हरियाणा-बच्ची को पीटने वाले छात्र में दो डिसऑर्डर के लक |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | पंचकूला, अंबाला, चंडीगढ़ |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | 31 अक्टूबर, 28 अक्टूबर |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
दो तरह के डिसऑर्डर के लक्षण मिले बच्चे के व्यवहार में चार तरह की समस्याएं सामने आती हैं।। इसमें दूसरों को नुकसान पहुंचाना, चोरी या धोखा देना, नियमों का पालन नहीं करना और संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शामिल है।। इस डिसऑर्डर में बच्चे को अपने किए पर पश्चाताप या दुख महसूस नहीं होता।। पूछताछ के दौरान बच्चे ने कहा था कि लड़की मिलेगी तो वह उससे सॉरी बोल देगा।। वहीं, 28 अक्टूबर को घटना के दिन जब बच्ची का पिता उसे ढूंढते हुए स्कूल पहुंचे थे तो बच्चे ने कहा था कि ऊपर किसी ने उसके साथ मारपीट की है।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
इस डिसऑर्डर में बच्चे को बाद में याद नहीं रहता कि उसने क्या किया है।। इसमें बच्चे को अचानक किसी बात पर बहुत तेज गुस्सा आता है।। इस दौरान वह दूसरों के साथ मारपीट कर सकता है, गाली-गलौज कर सकता है और चीजें तोड़ सकता है।। ऐसे मामलों में मूड को स्थिर रखने के लिए दवाइयों का इस्तेमाल करना पड़ता है।। सूत्रों के मुताबिक, ऑब्जर्वेशन होम में भी बच्चे को जिस कमरे में रखा गया है, उसमें ऐसी कोई चीज नहीं छोड़ी गई जिससे बच्चा किसी को या खुद को नुकसान पहुंचाए।। IQ से लेकर बिहेवियर प्रॉब्लम जांची गई सोमवार को अस्पताल बच्चे का IQ टेस्ट किया गया।। इसके अलावा बिहेवियर प्रॉब्लम और फैमिली प्रॉब्लम का आकलन किया गया।। बच्चे की मां के गर्भधारण करने के समय से लेकर अब तक की हिस्ट्री भी तैयार की गई।। इसमें यह पता लगाने की कोशिश की गई कि बच्चे की परवरिश किस तरह हुई और उसके व्यवहार में बदलाव के पीछे क्या कारण रहे।। सूत्रों के मुताबिक, काउंसिलिंग के दौरान माता-पिता की तरफ से बच्चे की अनदेखी की बात भी सामने आई है।। इसके अलावा मोबाइल गेम्स की लत को उसके व्यवहार में बदलाव का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।। बच्चा मोबाइल गेम्स का एडिक्ट था।। -------------------------------------- KG की बच्ची को पीटने वाले का मेंटल असेसमेंट हुआ:पिता बोले- तंग करती थी इसलिए मारा हरियाणा- KG की बच्ची से मारपीट में प्रिंसिपल सस्पेंड: 'पागल' कहने पर गुस्साया छात्र KG की बच्ची के सिर पर 12 बार ईंट मारी:तीसरी के स्टूडेंट ने बेंच पर पटका, बाल पकड़कर घसीटा पंचकूला के स्कूल में बच्ची से मारपीट के बाद हंगामा: पेरेंट्स की भीड़ के बाद गेट बंद किया गया This website follows the DNPA Code of Ethics.।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





