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महिला की मौत के बाद नवजात की कस्टडी पर भिड़े ससुराल वाले और पड़ोसी, चौथे बच्चे के जन्म के बाद उजड़ी दुनिया...ऐसे सुलझा मामला

महिला की मौत के बाद नवजात की कस्टडी पर भिड़े ससुराल वाले और पड़ोसी, चौथे बच्चे के जन्म के बाद उजड़ी दुनिया...ऐसे सुलझा मामला पानीपत में 27 वर्षीय महिला।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
4 नवंबर 2026 को 07:42 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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महिला की मौत के बाद नवजात की कस्टडी पर भिड़े ससुराल वाले और पड़ोसी, चौथे बच्चे के जन्म के बाद उजड़ी दुनिया...ऐसे सुलझा मामला
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •महिला की मौत के बाद नवजात की कस्टडी पर भिड़े ससुराल वाले और पड़ोसी, चौथे बच्चे के जन्...
  • •प्रशासनिक व संबंधित विभाग ने मामले पर लिया त्वरित संज्ञान, जांच जारी।
  • •पानीपत सहित प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर रखी जा रही है निरंतर नजर।
  • •विस्तृत तथ्यों व अग्रिम अपडेट्स के लिए दैनिक रियलिटी से जुड़े रहें।

हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): महिला की मौत के बाद नवजात की कस्टडी पर भिड़े ससुराल वाले और पड़ोसी, चौथे बच्चे के जन्म के बाद उजड़ी दुनिया...ऐसे सुलझा मामला पानीपत में 27 वर्षीय महिला की मौत के बाद उसके नवजात बेटे को रखने के लिए 2 परिवारों ने दावा ठोक दिया।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।

मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?

उसकी मौत के बाद गांव से पहुंचे ससुराल वाले बच्चे को ले जाने लगे।। यहां पुलिस ने दोनों परिवारों का समझौता करा दिया।। मायके वालों ने पड़ोसी को 20 हजार रुपए देकर बच्चा वापस ले लिया।। मामले में पुराना औद्योगिक थाना प्रभारी अरविंद ने बताया कि पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं मिली थी।।

समाचार बिंदुताज़ा विवरण व स्थिति
मुख्य घटनाक्रममहिला की मौत के बाद नवजात की कस्टडी पर भिड़े ससुराल वाल
संबंधित क्षेत्र / ज़िलापानीपत
संबंधित संस्था / विभागपानीपत पुलिस व विशेष जांच दल
प्रमुख तथ्य व आंकड़े20 हजार, 10 साल, 6 साल, 3 साल

अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?

दोनों पक्षों के बीच कुछ पैसों का लेनदेन था, जिसे बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया।। मूलरूप से बिहार के छपरा की रहने वाली संध्या पिछले कई महीनों से पानीपत की सैनी कॉलोनी में रह रही थी।। उसके साथ 10 साल की बेटी, 6 साल की दूसरी बेटी और 3 साल का बेटा था।। वह एक फैक्ट्री में क्लिपिंग का काम करके परिवार का गुजारा कर रही थी।। उसका पति पंकज उससे अलग रहता था।।

'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी

स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर

इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।

23 अक्टूबर को चौथे बच्चे को दिया जन्मः 23 अक्टूबर को संध्या ने एक बेटे को जन्म दिया।। प्रसव के बाद उसकी तबीयत लगातार खराब रहने लगी।। इस दौरान पड़ोसी संजय और उसके परिवार ने उसकी देखभाल की।। वे उसे इलाज के लिए कभी निजी तो कभी सरकारी अस्पताल लेकर जाते रहे।। नवजात की देखभाल भी इसी परिवार ने की।। एक नवंबर को ब्लीडिंग होने से मौतः एक नवंबर को संध्या को अचानक ब्लीडिंग शुरू हो गई।। हालत बिगड़ने पर संजय और उसके परिजन उसे सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।। इसके बाद बिहार से उसके ससुराल पक्ष के लोग पानीपत पहुंचे।। 3 नवंबर को पानीपत में ही संध्या का अंतिम संस्कार किया गया।। विदेश भेजने के नाम पर ठगी: जर्मनी का झांसा देकर रूस-बेलारूस में फंसाने वाले गैंग की महिला एजेंट... कैंसर के ऑपरेशन के डर से अस्पताल से भागा शख्स, जिस दिन थी ऑपरेशन की उम्मीद, उसी दिन उठी अर्थी...... हरियाणा में ACB का बड़ा एक्शन, फर्जी पुलिसकर्मी 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार; जानें... संध्या की गर्भावस्था के दौरान और बेटे के जन्म के बाद संजय व उसका परिवार लगातार उसकी मदद कर रहा था।। संजय के अनुसार, उन्होंने संध्या के इलाज पर करीब 70 हजार रुपये खर्च किए।। नवजात की देखभाल भी उन्होंने ही की।। परिवार भावनात्मक रूप से मां-बेटे से जुड़ गया था।। बताया जा रहा है कि उनके परिवार में भी बच्चा नहीं था, इसलिए वे नवजात को अपने पास रखना चाहते थे।। ससुराल वाले बच्चा ले जाने लगे बिहार से आए परिजन विकास और नितेश पासवान जब बच्चे को ले जाने लगे तो पड़ोसी परिवार ने पहले इलाज पर खर्च हुए 70 हजार रुपये लौटाने की बात कही।। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई।। इसके बाद 20 हजार रुपए देने पर सहमति बनी और पड़ोसी परिवार ने बच्चा परिजनों को सौंप दिया।। हरियाणा में डेंगू-मलेरिया का 'डेंजर जोन': 1 महीने में दोगुने हुए मामले, ये बना हॉटस्पॉट; 53 हजार... पानीपत में तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक बस का कहर, बाइक सवार चाचा-भतीजे को रौंदा, एक की मौत से परिवार में... दर्दनाक हादसा: कपड़ा गोदाम में भारी गांठ के नीचे दबने से बिहार के मजदूर की मौत, 25 साल से कर रहा था... हरियाणा में सनसनीखेज Murder, बचपन के दोस्त ने चाकू मारकर राहुल को उतारा मौत के घाट, शराब पार्टी के... पानीपत में धागा फैक्ट्री में लगी भयानक आग...झुलसने से एक मजदूर की मौत, मची अफरा-तफरी पानीपत : 9 साल के बाद घर में हुआ बेटा, पीलिया की रस्म के बीच मायके वालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा...7... हाईवे पर डिवाइडर से टकराकर 4 बार पलटी स्कॉर्पियो...100 मीटर तक घिसटी; भयानक हादसे में पानीपत के... पानीपत में दर्दनाक हादसा: हनुमान स्वरूप की झांकी में हाईटेंशन तार से टकराया झंडा, करंट लगने से... Be on the top of everything happening around the world. Ph : 0181-5067200, 2280104-107।

आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम

आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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