हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Ganga Expressway: देश के दो महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए अब एक नया लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
इस एक्सप्रेस वे का निर्माण जल्द ही शुरू हो सकता है।। क्योंकि इसके लिए सरकार द्वारा जमीन का बैनामा प्रक्रिया तेजी से की जा रही है।। इस लिंक मार्ग से गंगा एक्सप्रेसवे व आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ जाएंगे।। इसको लेकर उत्तर प्रदेश द्वारा निर्माण एजेंसी को तीन वर्ष में कार्य पूरा कराने का निर्णय लिया गया है।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | शुरू हुआ 90KM लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रह |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | हरियाणा (संबंधित क्षेत्र) |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | 7488 करोड़, 5 साल, 90 प्रतिशत |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
इतना ही नहीं इसका निर्माण करने वाली एजेंसी का लाइबिलिटी पीरियड 5 साल का रहेगा।। यानी इस रोड के निर्माण के बाद इसका रखरखाव 5 साल तक उसी एजेंसी द्वारा किया जाएगा।। इस परियोजना के तहत इस 90 किलोमीटर लंबे इस लिंक रोड का निर्माण किया जाना है।। यह नया एक्सप्रेसवे हरदोई जिला में सवायजपुर के पास गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।। वहीं इसको दूसरी तरफ इटावा के कुदरेल के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ कर नया लिंक बनाया जाएगा।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
अन्य कनेक्टिविटी में भी मिलेगा लाभ इस 90 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के बनने से गंगाएक्सप्रेसवे और लखनऊ- आगरा एक्सप्रेसवे तो जुड़ेंगे ही, साथ ही यह बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को भी जोड़ने का काम करेगा।। ऐसे में क्षेत्र को प्रदेश भर से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।। जमीन के लिए तेजी से चल रही प्रक्रिया यह लिंक एक्सप्रेसवे तैयार करने के लिए प्रशासन द्वारा जमीन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।। इसके तहत जमीन अधिग्रहित करने के लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।। इससे करीब 90 प्रतिशत जमीन का बैनामा भी हो चुका है।। अब जो किसान इस परियोजना के लिए जमीन देने को तैयार नहीं हैं, उनसे जमीन लेने के लिए प्रक्रिया की जा रही है।। इस परियोजना के लिए 7488 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।। इससे जहां मध्य उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी होगी, वहीं देश के कई बड़े महानगरों तक पहुंचना भी काफी आसान हो जाएगा।। अब इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए एजेंसी का चयन हो चुका है और जैसे ही सरकार यह परियोजना एजेंसी को देती है, इसके तीन साल के भीतर ही यह काम पूरा करना होगा।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





